Thursday, March 5, 2020

कालसर्प दोष क्या है ?

कालसर्प एक ऐसा योग है जो जातक के पूर्व जन्म के किसी जघन्य अपराध के दंड या शाप के फलस्वरूप उसकी जन्मकुंडली में परिलक्षित होता है। व्यावहारिक रूप से पीड़ित व्यक्ति आर्थिक व शारीरिक रूप से परेशान तो होता ही है, मुख्य रूप से उसे संतान संबंधी कष्ट होता है। या तो उसे संतान होती ही नहीं, या होती है तो वह बहुत ही दुर्बल व रोगी होती है। उसकी रोजी-रोटी का जुगाड़ भी बड़ी मुश्किल से हो पाता है। धनाढय घर में पैदा होने के बावजूद किसी न किसी वजह से उसे अप्रत्याशित रूप से आर्थिक क्षति होती रहती है। तरह तरह के रोग भी उसे परेशान किये रहते हैं। 

कालसर्प के प्रभाव क्या है ?

  • जब लग्न व लग्नेश पीड़ित हो, तब भी जातक शारीरिक व मानसिक रूप से परेशान रहता है।
  • जातक को बात-बात में भ्रम की बीमारी सताती रहती हो, या उसे हमेशा लगता है कि कोई उसे नुकसान पहुँचा सकता है या वह व्यक्ति मानसिक तौर पर पीड़ित रहता है।
  • नकारात्मकता या शून्य मानसिक शांति
  • महत्वपूर्ण कार्यों में समस्याएं और देरी
  • अनावश्यक चिंता
  • कम आत्मविश्वास और आत्मसम्मान।
  • स्वास्थ्य में गिरावट और जीवन काल में कमी।
  • परिवार में विवाद और संघर्ष
  • परिवार और रिश्तेदारों से कोई समर्थन नहीं।
  • व्यापार और बेरोजगारी में नुकसान
  • संपत्ति और धन की हानि
  • अकेलेपन की भावना
  • साँप और साँप के काटने का बड़ा भय।
  • ऊंचाई वाले स्थानों और अकेलेपन का डर।
  • इस दोष के साथ व्यक्तियों को सपनों में मृत लोगों की छवियां दिखाई देती है। ये उनके पूर्वज या हाल ही में निधन हो चुके परिवार के सदस्य हो सकते है। 

  • कालसर्प का निवारण और उपाय क्या है ?

    उक्त लक्षणों का उल्लेख इस दृष्टि से किया गया है ताकि सामान्य पाठकों को कालसर्प योग के बुरे प्रभावों की पर्याप्त जानकारी हासिल हो सके। किंतु ऐसा नहीं है कि कालसर्प योग सभी जातकों के लिए बुरा ही होता है। विविध लग्नों व राशियों में अवस्थित ग्रह जन्म-कुंडली के किस भाव में हैं, इसके आधार पर ही कोई अंतिम निर्णय किया जा सकता है। कालसर्प योग वाले बहुत से ऐसे व्यक्ति हो चुके हैं, जो अनेक कठिनाइयों को झेलते हुए भी ऊंचे पदों पर पहुंचे। पंडित शिवगुरु जी कालसर्प की पूजा पुरे मंत्रोच्चार से सही ढंग से अपने जातक को कराते है जिससे संपूर्णरूप से कालसर्प दोष का साया आपके जीवन से हट जायगा और आपके जीवन की सभी समस्या दूर हो जायगी
    परन्तु विश्वास सबसे बड़ा धार्मिक पूजन में बहुत मूल स्थान रखता है विश्वास है तो पूजा का लाभ १००% मिलता है यदि आपमें विश्वास व् भगवान् पर आस्था व् कालसर्प की पूजा पर श्रद्धा से मन लगा कर किया जाय तो इस दुनिया में सब संभव है कालसर्प क्या सभी प्रकार के दोष आपके जीवन में नहीं आ सकते है
  • Kaal Sarp Dosh puja ujjain

    कालसर्प दोष क्या है ?

    कालसर्प एक ऐसा योग है जो जातक के पूर्व जन्म के किसी जघन्य अपराध के दंड या शाप के फलस्वरूप उसकी जन्मकुंडली में परिलक्षित होता है। व्यावहारिक रूप से पीड़ित व्यक्ति आर्थिक व शारीरिक रूप से परेशान तो होता ही है, मुख्य रूप से उसे संतान संबंधी कष्ट होता है। या तो उसे संतान होती ही नहीं, या होती है तो वह बहुत ही दुर्बल व रोगी होती है। उसकी रोजी-रोटी का जुगाड़ भी बड़ी मुश्किल से हो पाता है। धनाढय घर में पैदा होने के बावजूद किसी न किसी वजह से उसे अप्रत्याशित रूप से आर्थिक क्षति होती रहती है। तरह तरह के रोग भी उसे परेशान किये रहते हैं।

    कालसर्प के प्रभाव क्या है ?

  • जब लग्न व लग्नेश पीड़ित हो, तब भी जातक शारीरिक व मानसिक रूप से परेशान रहता है।
  • जातक को बात-बात में भ्रम की बीमारी सताती रहती हो, या उसे हमेशा लगता है कि कोई उसे नुकसान पहुँचा सकता है या वह व्यक्ति मानसिक तौर पर पीड़ित रहता है।
  • नकारात्मकता या शून्य मानसिक शांति
  • महत्वपूर्ण कार्यों में समस्याएं और देरी
  • अनावश्यक चिंता
  • कम आत्मविश्वास और आत्मसम्मान।
  • स्वास्थ्य में गिरावट और जीवन काल में कमी।
  • परिवार में विवाद और संघर्ष
  • परिवार और रिश्तेदारों से कोई समर्थन नहीं।
  • व्यापार और बेरोजगारी में नुकसान
  • संपत्ति और धन की हानि
  • अकेलेपन की भावना
  • साँप और साँप के काटने का बड़ा भय।
  • ऊंचाई वाले स्थानों और अकेलेपन का डर।
  • इस दोष के साथ व्यक्तियों को सपनों में मृत लोगों की छवियां दिखाई देती है। ये उनके पूर्वज या हाल ही में निधन हो चुके परिवार के सदस्य हो सकते है।